गृह मंत्रालय के साथ ही पीएम आफिस पहुंचा पत्रकार उत्पीड़न का मामला, एसओ के साथ ही 06 पर गंभीर आरोप : वजीरगंज, गोण्डा

गृह मंत्रालय के साथ ही पीएम आफिस पहुंचा पत्रकार उत्पीड़न का मामला, एसओ के साथ ही 06 पर गंभीर आरोप  : वजीरगंज, गोण्डा

पुलिसिया तांडव करने के बावजूद थाने पर जमे हैं इनके अंगद रुपी पैर, एसएचओ के साथ ही कइयों पर गिर सकती है गाज़ 



गोण्डा : जिले के वजीरगंज थाने मे निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले एक पत्रकार पर खार खाये बैठी पुलिस कर्मियों ने नियम कानून को ताक पर रखकर पत्रकार के बेटे का बाईक रोककर उससे अभद्र व्यवहार किया जिसका विरोध करने पर सिपाही अमन यादव ने मारपीट की है। मामले कि जानकारी मिलने पर जब पत्रकार पिता वहाँ पहुँच तो थाने कि पूरी फ़ोर्स ने दोनों पर जमकर पुलिसिया तांडव किया। जिसे लेकर पत्रकारों मे भारी आक्रोश है। आक्रोषित पत्रकारों ने मामले कि शिकायत आईजी से कि थी, बावजूद इसके वर्दी कि आड़ मे गुंडागर्दी करके एस.एस.टी एक्ट के साथ ही अन्य तमाम धाराओं मे फर्जी मुकदमा दर्ज कर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी देने वाले पुलिस कर्मी अब भी थाने पर तैनात हैं। जो कभी भी घृणित कारनामो कों अंजाम दें सकते हैं। जिससे आक्रोषित दिल्ली के पत्रकारों ने भी गोण्डा के पत्रकारों के साथ मिलकर अब गृह मंत्रालय व पीएम आफिस मे जाकर लिखित शिकायती पत्र देकर पुलिस कर्मियों को हटाकर उन पर कार्यवाही करने की गुहार की है। 


पूरे मामले की बात करें तो मामला गोण्डा जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम भगोहर का है जहां के निवासी एक हिन्दी अखबार के पत्रकार ने पीड़ितों पर बरपाए पुलिसिया कहर को लेकर विगत दिनों कई खबरें चलायी थी, जिससे पुलिस खार खाये बैठी थी और मौके कि तलाश मे थी, उनका कहना है कि दिनांक 11 अप्रैल को उनका बेटा जब घर की तरफ आ रहा था, तो बाईक पर लगे स्टीकार को देख आनंद यादव सिपाही ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाड़ी रोक लिया, जिसका विरोध करने पर सिपाही आनंद यादव बेटे पर पुलिसया रौब झाड़ कर उससे मारपीट करने लगे। खबर मिलते ही मौके पर जब पत्रकार पहुंचा तो थोड़ी ही देर मे पुलिस फ़ोर्स वहां पहुँच गई, आनंद यादव के साथ ही पुलिस फ़ोर्स मे मौजूद एसआई वेदराम, एसआई विकास गुप्ता, सिपाही सुशील सिंह व सिपाही शिवम पाल ने वर्दी की आड़ मे गुंडागर्दी करना शुरू कर दिया और खुलेआम पुलिसिया तांडव करते हुए जमकर मारपीट किया, 

■जब थानेदार ने खुद ही कर डाला खाकी कों शर्मसार

बताते चलें कि थाने पर लाने के बाद थानेदार विपुल पाण्डेय ने भी खाकी कों शर्मसार कर दिया, इससे पहले पत्रकार कुछ बोलता बेखौफ थानेदार ने कहा कि तुम लोगों ने ही पुलिस पर हाथ उठाया है, यह कहते हुए सम्मानित पत्रकार व उनके बेटे को प्रताड़ित किया गया। तत्पश्चात जब स्थानीय व जिले के सम्मानित पत्रकारों कस हस्तक्षेप हुआ तब जाकर खुद को बचाने के लिए माफ़ीनामा लिखवाकर एक तरफ़ा 151 के तहत चालान किया है। साथ ही एसओ विपुल पाण्डेय ने फर्जी मुक़दमे मे फंसा कर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी है। पत्रकार व उसके परिजन काफी आहत मे है। अगर ये आरोपी पुलिस कर्मी यहाँ रहे तो कभी भी साजिश के तहत घिनौना खेल खेल सकते हैं.

■ सड़कों पर उतर कर भव्य धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे आक्रोषित पत्रकार

बताते चलें की पत्रकार उत्पीड़न का ये मामला काफी हाई प्रोफाइल तक पहुँच चुका है। जिसे लेकर गोण्डा पत्रकारों के साथ ही लखनऊ व दिल्ली के पत्रकारों मे भारी रोष व्याप्त हो गया है। बताते चलें कि महिला सिपाही सरिता व एसएचओ विपुल पाण्डेय के साथ ही एसआई वेदराम यादव, सिपाही आनंद यादव, एसआई विकास गुप्ता, सिपाही सुशील सिंह व सिपाही शिवम पाल ने बदले कि भावना से कानून कों ताक पर रखकर पुलिसिया तांडव किया है। शिकायत के बावजूद जिम्मेदार उन्हें जांच कि आंच का हवाला देकर बचाने मे लगे हुए हैं। जिसे लेकर पत्रकार नवल पाण्डेय के साथ ही कई दिल्ली के कई पत्रकारों ने गृह मंत्री के साथ साथ पीएम आफिस मे जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराया है। अगर सभी आरोपी पुलिस कर्मियों को थाने से हटाकर उन पर कार्यवाही न की गई तो श्रमजीवी पत्रकार संघ के साथ ही लखनऊ व दिल्ली के तमाम पत्रकार सीएम योगी कों भी पूरे प्रकरण से अवगत कराकर दिल्ली जंतर मंतर के साथ ही गोण्डा व लखनऊ मे सड़कों पर उतर कर भव्य धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।

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