आईजीआरएस पर फर्जी रिपोर्ट लगाने में माहिर हैं ग्राम पंचायत अधिकारी अरुणिमा वर्मा

आईजीआरएस पर फर्जी रिपोर्ट लगाने में माहिर हैं ग्राम पंचायत अधिकारी अरुणिमा वर्मा

संवाददाता - विकास कुमार सोनी 


छुट्टा पशुओं के आतंक से परेशान किसान ने की थी                 शिकायत। 

मामले में संबंधित जांच अधिकारी की फर्जी रिपोर्ट को लेकर     जनता दर्शन में जिलाधिकारी से मिला किसान। 

गोण्डा : जिले में आवारा पशुओं के आतंक को लेकर जहाँ योगी द्वारा जनपद के अधिकारियों को यह निर्देशित किया जा रहा है कि छुट्टा पशुओं से किसानों को किसी तरह कोई परेशानी नहीं होना चाहिए उसे ले जाकर गौशालाओं में संरक्षित करने का कार्य करें। कहीं पर भी आवारा पशु घूमते नजर ना आयें। लेकिन गोंडा जनपद में स्थित बद से बदतर होती जा रही है। यहां के जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल व जनसुनवाई के माध्यम से की गई शिकायत पर भ्रामक फर्जी आख्या रिपोर्ट लगाकर शासन को गुमराह करते हुए शिकायत का निस्तारण कर दिया जा रहा है । प्राप्त जानकारी के अनुसार गोंडा जनपद के विकास खंड पंडरी कृपाल अन्तर्गत ग्राम पंचायत सालपुर सेमरा निवासी हनुमान प्रसाद द्वारा 17 फरवरी 2023 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर फोन करके आवारा गौवंशों के द्वारा फसलों को नष्ट किए जाने की शिकायत की गई थी। जिस पर सालपुर सेमरा ग्राम पंचायत की ग्राम पंचायत सचिव अरुणिमा वर्मा द्वारा भ्रामक व फर्जी आख्या रिपोर्ट लगाकर मामले का निस्तारण कर दिया गया है। सुश्री वर्मा द्वारा अपने आख्या रिपोर्ट में यह लिखा गया है कि उक्त ग्राम पंचायत के आसपास के बेसहारा पशुओं को गौशाला में संरक्षित कर दिया गया है। जबकि वर्तमान में स्थित ज्यों की त्यों बनी हुई है। वहीं आवारा पशुओं के द्वारा जो पहले से उक्त ग्राम पंचायत के किसानों की फसलों को नष्ट कर रहे थे,आज भी वह उनके फसलों को नष्ट कर रहे हैं और गांव का हर व्यक्ति परेशान है। हमारे संवाददाता द्वारा ग्राम प्रधान सालपुर समरा मुन्ना लाल तिवारी से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि आवारा पशुओं को अभी तक गौशाला में संरक्षित नहीं किया गया है। मामले में संबंधित ग्राम पंचायत सचिव द्वारा आइजीआरएस पर भ्रामक/ फर्जी आख्या रिपोर्ट लगाने को लेकर शिकायतकर्ता हनुमान प्रसाद द्वारा जिलाधिकारी गोंडा से मिलकर शिकायत की है । शिकायतकर्ता के द्वारा बताया गया कि फर्जी आख्या रिपोर्ट को लेकर जनपद के उच्च अधिकारियों से शिकायत करने का मकसद केवल यह है कि भविष्य में किसी भी अधिकारी कर्मचारी द्वारा ऐसे महत्वपूर्ण प्लेटफार्म पर बिना समस्याओं का निराकरण हुए भ्रामक व फर्जी अच्छा रिपोर्ट लगाकर समस्या को निस्तारित ना दिखाया जाय। अब देखना अब यह है कि जिलाधिकारी गोंडा डॉ० उज्जवल कुमार द्वारा आईजीआरएस पर फर्जी जांच आख्या रिपोर्ट लगाकर निस्तारण करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है

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