ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट मे चैतन्य व पूर्णेश के बनाए ड्रोन की धूम : लखनऊ (उ०प्र०)

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट मे चैतन्य व पूर्णेश के बनाए  ड्रोन की धूम : लखनऊ (उ०प्र०)

रिपोर्टर : विकास कुमार सोनी

      (चैतन्य व पूर्णेश एवं अपने टीम के साथ : फाइल फोटो)


लखनऊ : ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की पूर्व संध्या पर उद्घाटन समारोह से लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें लोगों ने माननीय प्रधान मंत्री, मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्रालय, डिप्टी सी.एम.  बृजेश पाठक और कई अन्य।  कई एक्सिबिटर थे और प्रदर्शनी बहुत अच्छी चली जिसमें जानकी एयरो नामक एक संगठन ने 3डी मॉडल बनाने की क्षमता वाले एक फोटोग्राममेट्री ड्रोन प्रोटोटाइप प्रस्तुत किया।  JANKIAERO ड्रोन उत्साही की एक टीम है, जो अभिनव ड्रोन सेवाएं प्रदान करती है।  प्रौद्योगिकी और हवाई फोटोग्राफी के लिए उनका जुनून उन्हें संभव की सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।  अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक और व्यापक प्रशिक्षण के साथ, वे हवाई फोटोग्राफी, निरीक्षण, मानचित्रण, और बहुत कुछ सहित सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करते हैं।  टीम का लक्ष्य आश्चर्यजनक दृश्यों को पकड़ने और उच्च गुणवत्ता वाले डेटा प्रदान करने के लिए नवीनतम सॉफ़्टवेयर और उपकरणों का उपयोग करना है।  उनका मिशन ग्राहकों को विश्वसनीय, कुशल और लागत प्रभावी समाधान प्रदान करना है।  वे अपने कौशल में लगातार सुधार करने का प्रयास करते हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए उद्योग के रुझानों से आगे रहते हैं कि हम अपने ग्राहकों को सर्वोत्तम संभव सेवा प्रदान करते हैं।  वे ग्राहकों के साथ लंबे समय तक चलने वाले संबंध बनाने और उनकी अपेक्षाओं से अधिक परिणाम देने में विश्वास करते हैं।  वे कहते हैं, टीम हमेशा किसी भी सवाल का जवाब देने और पूरी प्रक्रिया के दौरान मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए उपलब्ध है।  एक समर्पित टीम "जैंकियारो" के साथ काम करने वाले अंतर का अनुभव करें।


■ लखनऊ में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट मे चैतन्य व पूर्णेश के     बनाए ड्रोन की धूम 

छात्र चैतन्य (बी०सी०ए०) व पूर्णेश कुमार सोनी (बी०सी०ए०) जो  लखनऊ यूनिवर्सिटी का छात्र है।  JANKIAERO टीम से जुड़कर अपने साथियों द्वारा ड्रोन बनाया  जो जीपीएस सिस्टम पर काम करता है, यह ड्रोन, किसानो के लिए बहुत कारगर है, जैसे खेत मे दवा का छिड़काव करना हो यह फिर फसल की  रखवाली करने में उपयोग होता है।


गोण्डा के  रे आफ साइंस के राजेश मिश्रा ने बताया कि इसके पहले भी पूर्णेश द्वारा वैज्ञानिक उपकरण बनाये गयें है। गोंडा के बच्चे भी विज्ञान के क्षेत्र में काम कर रहें हैं।।





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